कविता का शीर्षक ~ हम में है दम
विधा ~ छंद मुक्त कविता
मां भारती!
तेरी रक्षा हेतु,
मर मिटेंगे मां,
हम पर कृपा कर,
हम में है दम।
मां भारती!
तू भारत की शान,
तू भारत की आन,
तू भारत का मान,
तू भारत का सम्मान,
हम पर कृपा कर,
हम में है दम।
मां भारती!
इतनी सस्ती नहीं आज़ादी,
हमने दी कुर्बानी,
हमने किया समर्पित,
तन-मन-धन,
तब मिली आजादी,
हम पर कृपा कर,
हम में है दम।
मां भारती!
तेरी रक्षा हेतु,
हम प्रतिबद्ध है,
जब-जब पड़े का,
संकट देश पर,
हम अपने प्राण त्याग देंगे,
हम पर कृपा कर,
हम में है दम।
प्रज्ञा आम्बेरकर,
स्वरचित मौलिक कविता।
मुंबई, महाराष्ट्र, भारत।
हमारे व्हाट्सएप से जुड़ें.. | हमारे यूट्यूब से जुड़ें |
सूचना:- साक्षात्कार देने हेतु यहाँ क्लिक करें
👆👆
यदि आप भी अपनी रचना प्रकाशित करवाना चाहते हैं या अपनी प्रस्तुति Sahitya Aajkal की Official Youtube से देना चाहते हैं तो अपनी रचना या वीडियो टीम के इस Whatsapp न0- 7562026066 पर भेज कर सम्पर्क करें।
कवि सम्मेलन की वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
यदि आप कोई खबर या विज्ञापन देना चाहते हैं तो सम्पर्क करें।
Email:- sahityaaajkal9@gmail.com
Whatsapp:- 7562026066
संस्थापक:- हरे कृष्ण प्रकाश (पूर्णियां, बिहार)
No comments:
Post a Comment